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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

जो कभी यौगिक नहीं है, उसका विनाश कभी नहीं हो सकता। उसकी मृत्यु होती है या विनाश होता है—ऐसा कहना केवल कोरी मूर्खता है।