Font by Mehr Nastaliq Web

भर्तृहरि के उद्धरण

जिनके पास विद्या, तप, दान, शील, गुण और धर्म नहीं है, वे इस नश्वर-संसार में मनुष्यों के रूप में भार होकर, विचरण करते हुए साक्षात् पशु ही हैं।