Font by Mehr Nastaliq Web

स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

अज्ञान ही समस्त बुराई और समस्त दु:ख की जननी है। मनुष्यों को प्रकाश मिले; वे शुद्ध और आध्यात्मिक रूप से मजबूत और शिक्षित हों, तभी संसार में दु:ख का अंत होगा, उससे पहले नहीं।