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वाल्टर बेंजामिन के उद्धरण

अगर मेरा अनुभव कोई प्रमाण बन सके तो कह सकता हूँ कि कोई आदमी किसी उधार पुस्तक को किसी अवसर पर लौटा ही दे मगर पढ़े शायद ही।

अनुवाद : इंदु प्रकाश कानूनगो