Font by Mehr Nastaliq Web

स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

अधीर न बनो, उतावली न करो। धैर्यपूर्ण, एकनिष्ठ तथा शांतिपूर्ण कर्म के द्वारा ही सफलता मिलती है।