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Sonu Yashraj's Photo'

सोनू यशराज

1969 | हनुमानगढ़, राजस्थान

सुपरिचित कवि-लेखक। 'पहली बूँद नीली थी' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

सुपरिचित कवि-लेखक। 'पहली बूँद नीली थी' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

सोनू यशराज के बेला

12 फरवरी 2025

स्त्रियों के संसार में ही घिरती है रात

स्त्रियों के संसार में ही घिरती है रात

ये उसकी सुबह थी पीठ पर धक्का मारते पुलकित के नन्हें पैर सुबह की अलसाई नींद के गवाह थे। इससे पहले वह इस आनंद में डूबती, भागते समय की हक़ीक़त एक कुशल ग़ोताख़ोर की तरह उसे अप्रतिम सुख की नदी से बाहर

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