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प्रताप कुंवरि बाई

1817 - 1886 | जोधपुर, राजस्थान

रीतिकाल की भक्त कवयित्री। कविता में परंपरागत आदर्श का निरूपण।

रीतिकाल की भक्त कवयित्री। कविता में परंपरागत आदर्श का निरूपण।