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महादेवी वर्मा के लिए

mahadevi varma ke liye

ज्योति शर्मा

ज्योति शर्मा

महादेवी वर्मा के लिए

ज्योति शर्मा

और अधिकज्योति शर्मा

    महादेवी आपसे पहले

    आपके घरेलू पशुओं से

    मिलना चाहती हूँ

    आपकी कविता से ज़्यादा

    आपके गद्य संसार की यात्रा

    करना चाहती हूँ

    कविता लेकर क्या करूँगी?

    मैं नीर भरी दुःख की बदली नहीं हो सकती

    ही मेरा कोई रहस्यमयी प्रेमी है

    एक पति है जो रोटी कमाकर लाता है

    जो कभी-कभी जता देता है

    प्रेम कभी-कभी लगा देता है

    डाँट कभी दांत कभी नाख़ून

    महादेवी, मुझे आपकी कविता से ज़्यादा

    आपके मोटे चश्मे की ज़रूरत है

    देख सकूँ दूर तक देख सकूँ देर तक

    देख सकूँ अपनी बहनों की पीठ पर गुमचोट

    महादेवी मुझे आपकी सहेली

    सुभद्राकुमारी चौहान की तरह मर्दानी नहीं होना है

    मुझे स्त्री ही रहना है

    जो मार खा रोती नहीं

    जो मारने वाला का हाथ बेधड़क पकड़ लेती है

    जो करता है उससे प्रेम

    स्रोत :
    • रचनाकार : ज्योति शर्मा
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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