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कवन दिशा गइले

kavan disha gaile

अनीता साह

अनीता साह

कवन दिशा गइले

अनीता साह

और अधिकअनीता साह

    कवन दिशा गइले सजना,

    टूटल जीवन के सपना।

    मांग भरल बा सेनूर,

    मनवा रोवत बा भरपूर।

    दुख में डूबल बा कंगना,

    कवन दिशा गइले सजना।

    तुलसी में जल हम डालीं,

    अखिया में दुखके लाली।

    सुन लीं भगवन निज वंदना,

    कवन दिशा गइले सजना।

    सास-ससुर मातपिता सम,

    रोज करेले अखिया नम।

    बेटा आई जल्दी अंगना,

    कवन दिशा गइले सजना।

    स्रोत :
    • पुस्तक : गुजर रहल बा जिन्दगी (कविता-संग्रह) (पृष्ठ 2)
    • रचनाकार : अनीता साह
    • प्रकाशन : ओरिएन्टल पब्लिकेशन हाउस प्रा. लि., काठमांडू, नेपाल
    • संस्करण : 2025

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