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किस्ता किस्ता पर जिनगी चल रहल बा

kista kista par jingi chal rahal ba

शिव संदेश

शिव संदेश

किस्ता किस्ता पर जिनगी चल रहल बा

शिव संदेश

और अधिकशिव संदेश

    किस्ता किस्ता पर जिनगी चल रहल बा

    आशा देखा के रोज रोज छल रहल बा

    बुझाता मिल गइल अबकी बेर बाकिर

    आइल मौका बार बार पिछल रहल बा

    दोसरा के सपना पूरा करइत करइत

    जवानी अब दिन दिन गल रहल बा

    शुद्ध बुद्ध हेरा गेल शिव के संदेश बिना

    हल के ना कवनो रास्ता निकल रहल बा

    कबो ना कबो समय नीमन जरुर होई

    सोच सोच के अब दिनवा टल रहल बा

    स्रोत :
    • पुस्तक : बेचैन संदेश (भोजपुरी गजल-संग्रह) (पृष्ठ 76)
    • रचनाकार : शिव संदेश
    • प्रकाशन : भोजपुरी प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमांडू, नेपाल
    • संस्करण : 2024

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