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खाली चिनमार हमर

khali chinmar hamar

सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

खाली चिनमार हमर

सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

और अधिकसुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

    बजैए संगीत बिना जीवन-सितार हमर

    लागय मशान-सून आङन-घर-द्वार हमर

    अनधुन हम पड़ल खाट कोड़ोमे आँखि टेकि,

    अछि के बीमार मनक करते उपचार हमर

    प्यासे हम आल-बाल धार बड़े दूर घाट,

    बुन्न दरस-परस नै, खाली चिनमार हमर

    दूरागन वंशी धुनि झीकि रहल हमर प्राण,

    जायब तँ जायब कोना, डेग बेसम्हार हमर

    रहब कतहु दूर कात अछि के जे टाहि देत,

    पच्छी ने आबय एक धधकैए चार हमर

    पाहुन तँ पाहन छल अटकि गेलै कतहु चित्त,

    बात-बातमे अन्हार, लूटल संसार हमर

    स्रोत :
    • पुस्तक : गजल ओ गीत
    • रचनाकार : शेखर प्रकाशन, पटना
    • प्रकाशन : सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी
    • संस्करण : 1991

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