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कढ़ावल प्रीत के के गीत

kaDhaval preet ke ke geet

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

कढ़ावल प्रीत के के गीत

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

और अधिकनागेन्द्र प्रसाद सिंह

    कढ़ावल प्रीत के के गीत निसबद रात में इहवाँ

    भरल के नेह के मोती नयन के प्रात में इहवाँ

    इयादन से रहीं हम भरत सुनहट जिन्दगानी में

    पता ना सोच के का लोग बइठल घात में इहवाँ

    ना थिरकल पाँव, बोलल ना कहूँ से एक भी घुँघरू

    बिना सुर के मिलल बा साँस अस औकात में इहवाँ

    कहाँ जाईं, केने खोजीं, लय जे रहल बाटे

    ना लउकत बा इहाँ कुछुओ, ना हलचल पात में इहवाँ

    इहाँ जे सुन रहल बानी, ना सोझा रहल हमरा

    मचल बा कँपकँपी अब प्रान में गात में इहवाँ

    स्रोत :
    • पुस्तक : सुर न सधे (पृष्ठ 28)
    • रचनाकार : नागेन्द्र प्रसाद सिंह
    • प्रकाशन : लोग प्रकाशन, पटना
    • संस्करण : 2000

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