Font by Mehr Nastaliq Web

हँसत बा चेहरा बाकिर, नज़र भीतर कहानी बा

hansat ba chehra bakir, nazar bhitar kahani ba

अनीता साह

अनीता साह

हँसत बा चेहरा बाकिर, नज़र भीतर कहानी बा

अनीता साह

और अधिकअनीता साह

    हँसत बा चेहरा बाकिर, नज़र भीतर कहानी बा,

    मिलल अपमान अतना बा, भरल अब आँख पानी बा।

    कहाँ खोजी भुलाइल मीत के अपना पता नइखे,

    भटक गइनीं उलझ गइनीं, समय बहुते गुमानी बा।

    सही का बा गलत का बा, समझ के फेर होखेला,

    कहत रहले कबीरा झूठ के दिन कम रवानी बा।

    गली सूना डगर के मोड़ सूना बा चलब कइसे,

    चमक सब लूट लिहले ऊ, बचल दुख के निशानी बा।

    अधूरा बात बा दिल में, सुने वाला सुनत नइखे,

    उमर के दौर दिन पर दिन, ढलत बीतत जवानी बा।

    स्रोत :
    • पुस्तक : गुजर रहल बा जिन्दगी (कविता-संग्रह) (पृष्ठ 110)
    • रचनाकार : अनीता साह
    • प्रकाशन : ओरिएन्टल पब्लिकेशन हाउस प्रा. लि., काठमांडू, नेपाल
    • संस्करण : 2025

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY