गाँव के खाली आसमान देख रहल बानीं
gaanv ke khali asman dekh rahal banin
गाँव के खाली आसमान देख रहल बानीं
लोग बिना के श्मसान देख रहल बानीं
घर में होली दिवाली पुकारे तोहे बाकिर
एको गो ना कही जवान देख रहल बानीं
बाबु माइ सुसके जब जब बरसे बदरिया
खाली सब खेत खरिहान देख रहल बानीं
बदल गइल पड़ोसियन के बोली घर में
मुँह से बोली के कुबान देख रहल बानीं
सात समुद्र पार हो गइल तहर जिनगी
हरपल झेलत अपमान देख रहल बानीं
संदेश बिन सजावल सपना के फूलवारी
बिना फूलाइल बागबान देख रहल बानीं
- पुस्तक : बेचैन संदेश (भोजपुरी गजल-संग्रह) (पृष्ठ 13)
- रचनाकार : शिव संदेश
- प्रकाशन : भोजपुरी प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमांडू, नेपाल
- संस्करण : 2024
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