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बिरह नैन बरसे मधुर गीत छूटल

birah nain barse madhur geet chhutal

अनीता साह

अनीता साह

बिरह नैन बरसे मधुर गीत छूटल

अनीता साह

और अधिकअनीता साह

    बिरह नैन बरसे मधुर गीत छूटल।

    नज़र रोज ताके सनम प्रीत छूटल।

    हवा शोख चंचल मचल शोर भीतर,

    कमाये गइल दूर मनमीत छूटल।

    कवन दर्द केकर बुझेला ज़माना,

    करीले जतन छंद संगीत छूटल।

    बनल भोर बैरिन, हसीं सांझ दुश्मन,

    सजी रात कइसे सभे रीत छूटल।

    सहज मोह धागा बनल गांठ मनके,

    मिलल हार जबसे मिलल जीत छूटल।

    स्रोत :
    • पुस्तक : गुजर रहल बा जिन्दगी (कविता-संग्रह) (पृष्ठ 120)
    • रचनाकार : अनीता साह
    • प्रकाशन : ओरिएन्टल पब्लिकेशन हाउस प्रा. लि., काठमांडू, नेपाल
    • संस्करण : 2025

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