Font by Mehr Nastaliq Web
Sandhya Chourasia's Photo'

संध्या चौरसिया

1997 | कोलकाता, पश्चिम बंगाल

नई पीढ़ी की कवयित्री।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

संध्या चौरसिया के बेला

24 जून 2026

मैं वापस आऊँगा : क्या कमाल है, न शिकायतें, न मलाल है!

मैं वापस आऊँगा : क्या कमाल है, न शिकायतें, न मलाल है!

दो गिलहरियाँ इमारत के कोने पर आकर मिलती हैं। एक कहीं से मूँगफली ले आई है, दूसरी हाथ बढ़ाकर उसे ले लेना चाहती है। अचानक बम का धमाका होता है और इमारत ढह जाती है। सब मलबे के हवाले। इस इतनी बड़ी दुनिया म

11 अक्तूबर 2025

दिल्ली आना और दिल्ली से जाना एक जैसा नहीं होता है!

दिल्ली आना और दिल्ली से जाना एक जैसा नहीं होता है!

सखी दिल्ली, कैसी हो? मुझे पहचाना? मैं वही लड़की जो पहले रोज़गार के लिए तुमसे पहली बार मिली थी, उस मौसम में जिसके लिए तुम्हें सबसे ज़्यादा कोसा और प्यार किया जाता है। जिस मौसम तुम कोहरे में कुछ धुँ

Recitation