आदित्य मिश्र के बेला
25 फरवरी 2026
क्रेज़ी किया रे : AI के अतिक्रमण में मौलिकता का अस्तित्व
वह फ़रवरी का नौवाँ दिन था और विभाग में वैसी ही चहल-पहल थी, जैसी अन्य कार्यक्रमों के दिनों में होती है। विभाग में कथाकार रणेन्द्र आए हुए थे। ख़ैर, ऐसा तो अक्सर होता है; विभाग में कोई-न-कोई आता ही रहता