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विभाजन पर ग़ज़लें

विभाजन का अर्थ हैं बाँटा

जाना—बँटवारा। भारत-पाक विभाजन मानवीय इतिहास की क्रूर घटनाओं में से एक है, जिसकी कटु स्मृतियाँ हमें आज भी कचोटती हैं। इसके अतिरिक्त भी विभाजन के विविध स्तर हैं, जिनसे समय-समय पर मनुष्य-जाति और संस्कृतियाँ गुज़रती रही और रहती हैं। यहाँ प्रस्तुत है—विभाजन विषयक आधुनिक कविताओं से एक अपूर्व चयन।

उठ गइल बा

ए. कुमार ‘आँसू’

खटकल मनवाँ दरेर हो

नागेन्द्र प्रसाद सिंह