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वेंकी रामकृष्णन के उद्धरण

ज़िंदा रहने की इच्छा हमारे भीतर गहराई तक बसी हुई है, भले ही हम अपने अधिक तार्किक पलों में आशावादी हों।

अनुवाद : अमित कुश