यदि कोई व्यक्ति तुम्हारा गला काटे तो उसे मना मत करना, क्योंकि तुम तो स्वयं अपना गला काट रहे हो। किसी ग़रीब का यदि कुछ उपकार करो, तो उसके लिए तनिक भी अहंकार मत लाना। वह तो तुम्हारे लिए उपासना मात्र है, उसमें अहंकार की कौन सी बात? क्या तुम्हीं समस्त जगत् नहीं हो?