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वात्स्यायन के उद्धरण

यदि आलिंगन करने पर नायिका उठकर खड़ी हो जाए और पुनः दूसरे दिन कुपित न होकर; प्रसन्न होकर उसके सामने आए, तो समझ ले कि अभी वह मिलना ही पसंद करती है। यदि वह प्रगल्भा नायिका दूसरे दिन भी नाराज़ होकर चली जाए, तो दूती के द्वारा सिद्ध करना चाहिए।