यदि अकेले प्रयोग सिद्ध न हो; एकाकी किए गए उपायों से सिद्धि न मिले, तो नायक धाय की लड़की अथवा नायिका की सहेली से सहायता ले। नायिका की अंतरंग सहेली होने के कारण, वे उसे नायक के पास जाने के लिए राजी कर लेती हैं। इस युक्ति से सफल होने पर वह यथोक्त विधि से रतिक्रिया में संलग्न हो।