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वात्स्यायन के उद्धरण

मिलने आने वाली प्रेमिका के वस्त्र; यदि वर्षा के कारण भीग गए हों और वह शृंगार-भ्रष्ट हो गई हो, तो नायक का कर्तव्य है कि वह ख़ुद ही प्रेमिका के वस्त्र बदल, उसका पुनः शृंगार करे।