Font by Mehr Nastaliq Web

ओशो के उद्धरण

स्वप्नों में डरो मत और स्वप्न कहकर कभी उनकी उपेक्षा मत करना, क्योंकि ऐसा कोई भी सत्य नहीं है, जिसका जन्म कभी न कभी स्वप्न की भाँति न हुआ हो।