Font by Mehr Nastaliq Web

गणेश शंकर विद्यार्थी के उद्धरण

स्वाधीन देश ही राष्ट्रों की भूमि है; क्योंकि पुच्छविहीन पशु हों तो हों, परंतु अपना शासन अपने हाथों में न रखने वाले राष्ट्र नहीं होते।