Font by Mehr Nastaliq Web

वात्स्यायन के उद्धरण

सपत्नियों के नामग्रह आदि में रोना-धोना, हाथ-पैर पटकना, बालों को बिखेरना, प्रहणन (छाती-शिर पीटना), आसन अथवा शय्या से उतरकर ज़मीन पर लेटना, माला-आभूषण आदि उतारकर फेंक देना और ज़मीन पर लेट जाना—प्रणय-कलह के कार्य हैं।