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कुबेरनाथ राय के उद्धरण

रोटी-दाल या रतिक्रिया से वंचित रह जाने का दु:ख ही अपने युग की सर्वोच्च व्यथा बन गई है। पर यह व्यथा वृहत्तर दु:ख को रचने का उपयुक्त उपकरण नहीं। यही मेरी इस युग से शिकायत है।