Font by Mehr Nastaliq Web

प्रेमचंद के उद्धरण

जहाँ सच्चा सौन्दर्य-प्रेम है, जहाँ प्रेम की प्रस्तुति है, वहाँ कमजोरियाँ कहाँ रह सकती हैं?