Font by Mehr Nastaliq Web

कुँवर नारायण के उद्धरण

नई साहित्य-चेतना की पुराने से सबसे महत्वपूर्ण भिन्नता इसी में रही है कि उसने अपने को हर तरह से प्रभाव के प्रति खुला रखा, और हिंदी साहित्य के परिवेश को विस्तृत किया।