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अवनींद्रनाथ ठाकुर के उद्धरण

मनुष्य और पक्षी में एकरूपता नहीं होती है, इसे छोटा बच्चा भी जानता है। उससे अगर मनुष्य का रेखाचित्र बनाने को कहा जाए तो वह एक तरह की रेखाओं का प्रयोग करेगा, जिन रेखाओं का व्यवहार पक्षी का चित्र बनाते समय वह बिल्कुल नहीं करता है।

अनुवाद : रामशंकर द्विवेदी