Font by Mehr Nastaliq Web

स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

मानव-मन की शक्ति की कोई सीमा नहीं। वह जितना ही एकाग्र होता है; उतनी ही उसकी शक्ति एक लक्ष्य पर केंद्रित होती है, यही रहस्य है।