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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

जो दुर्बल है, वह कभी मुक्ति नहीं पा सकता। समस्त दुर्बलताओं का त्याग करो। देह से कहो, 'तुम ख़ूब बलिष्ठ हो।' मन से कहो, 'तुम अनंत शक्तिधर हो', और स्वयं पर प्रबल विश्वास और भरोसा रखो।