जो बोलने में कम; काम में अधिक है, वही है प्रथम श्रेणी का कर्मी। जो जैसा बोलता है; वैसा ही करता है, वह है मध्यम श्रेणी का कर्मी। जो बोलता अधिक है; करता कम है, वह है तृतीय श्रेणी का कर्मी और जिसे बोलने में भी आलस्य, करने में भी आलस्य, वही है अधम।
अनुवाद :
श्रीरामनंदन प्रसाद