Font by Mehr Nastaliq Web

आचार्य रामचंद्र शुक्ल के उद्धरण

जिन मनोवृत्तियों का अधिकतर बुरा रूप हम संसार में देखा करते हैं, उनका भी सुंदर रूप कविता ढूँढ़कर दिखाती है।