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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

जैसे यह दृश्यमान भौतिक जगत्; सूक्ष्म जगत् की स्थूल अभिव्यक्ति मात्र है, उसी प्रकार भौतिक शक्तियाँ भी सूक्ष्म शक्तियों की स्थूल अभिव्यक्ति मात्र हैं।