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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

हम अपने चारों ओर न जाने कितना व्यर्थ कूड़े का ढेर लगाते हैं। इससे हमारा कोई लाभ नहीं होता; किंतु जिस वस्तु को हम त्यागना चाहते हैं, उसकी ओर, उस दुःख की ओर ही वह हमें ले जाता है।