Font by Mehr Nastaliq Web

शम्स तबरेज़ी के उद्धरण

हर पल इंसान को ख़ुद को फिर से नया बनाना चाहिए। मृत्यु से पहले हमें एक बार और मरना पड़ता है, तभी हम एक नया जीवन शुरू कर पाते हैं। सिर्फ हमारे अंदरूनी हिस्से बदलते हैं और हम वही रहते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा