Font by Mehr Nastaliq Web

शम्स तबरेज़ी के उद्धरण

हमें अपने ऊपर फेंके गए हर कांटे के लिए आभारी होना चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में ये कांटे ज़रूर गुलाब बन जाएंगे।

अनुवाद : सरिता शर्मा