एक सक्रिय जीवन मनुष्य को यह अवसर देता है कि वह रचनात्मक कार्यों में मूल्यों को पहचाने, जबकि आनंद से भरा निष्क्रिय जीवन उसे यह अवसर देता है कि वह कला, सौंदर्य व प्रकृति के अनुभव में संतुष्टि पाए। लेकिन जीवन में एक और उद्देश्य भी होता है, जिसमें सृजन व आनंद दोनों ही नहीं होते। जो उच्च नैतिक आचरण की संभावना को स्वीकार करता है : जैसे एक मनुष्य का अपने अस्तित्व के लिए रवैया; एक ऐसा अस्तित्व जिस पर बाहरी बलों द्वारा रोक लगाई जा रही हो, उसके लिए रचनात्मकता व आनंद भरा जीवन जीने की मनाही होती हैं। लेकिन केवल रचनात्मकता व आनंद सार्थक नहीं होते।
अनुवाद :
रचना भोला 'यामिनी'