एक मनुष्य से सब कुछ छीना जा सकता है, मानवीय स्वतंत्रता से जुड़ी हर चीज़ छीनी जा सकती है। मगर उससे यह चुनाव करने की क्षमता नहीं छीनी जा सकती कि वह किन्हीं परिस्थितियों का सामना किस रवैये के साथ करेगा और अपने लिए कौन सा मार्ग चुनेगा।
अनुवाद :
रचना भोला 'यामिनी'