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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

एक मूर्ख भले ही दुनिया की सारी किताबें खरीद ले और वे उसकी लाइब्रेरी में हों; लेकिन वह केवल उन्हीं किताबों को पढ़ पाएगा, जो उसके लिए उचित हों।