Font by Mehr Nastaliq Web

दुर्गा भागवत के उद्धरण

द्रौपदी के मन की छटपटाहट, भारत की विलक्षण ख़ूबसूरत अशांतता का मूल स्रोत है।

अनुवाद : वासंतिका पुणतांबेकर