Font by Mehr Nastaliq Web

श्यामाचरण दुबे के उद्धरण

धर्म के समान अधर्म के भी चार चरण—झूठ, हिंसा, असंतोष और संघर्ष होते हैं। अधर्म के ये तत्त्व धीरे-धीरे बढ़े।