Font by Mehr Nastaliq Web

गणेश शंकर विद्यार्थी के उद्धरण

अशिक्षा, अज्ञान या पराधीनता; भले ही किसी देश को बेबल बनाए रही हो, पर मनुष्यता की संतान ने अपने स्वत्वों और अधिकारों से वंचित होना कभी मंज़ूर नहीं किया।