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शम्स तबरेज़ी के उद्धरण

अपने ईमान को मज़बूत बनाने के लिए, आपको सबसे पहले अपने दिल को पंख से भी हल्का और नरम बनाना होगा।

अनुवाद : सरिता शर्मा