Font by Mehr Nastaliq Web

गजानन माधव मुक्तिबोध के उद्धरण

ऐतिहासिक युग में कोई विशेष ऐतिहासिक घटना-विकास हो रहा हो, उसका ठीक-ठीक प्रतिबिंब साहित्य में उभरे ही—यह आवश्यक नहीं है।