अनुशासन की अनुशासन हीनता पर विजय हो। शांति की अशांति पर विजय हो। उदारता का संकीर्णता पर, श्रद्धा का अश्रद्धा पर, सत्य का असत्य पर आधिपत्य हो। धर्म के शाश्वत नियम का, अधर्म पर पूर्ण रूप से शासन हो।
शेयर
नैतिक तथा धार्मिक वैभव उसे प्राप्त होंगे, जो ईश्वर के लिए संसार में कार्य करता है और उसकी दी हुई शक्ति का ग़रीब मनुष्यों के उद्धार में उपयोग करता है।
शेयर
पूर्णता की पहली भूमि है, शुभ विचार, दूसरी है अच्छे वचन तथा तीसरी है अच्छे कर्म।
शेयर
पवित्रता सब अच्छाइयों से बढ़कर है। वस्तुतः वही आदमी सुखी है, जिनके अंदर पूर्ण पवित्रता का निवास है। ईश्वर की इच्छा ही पवित्रता का महान नियम है।
शेयर
वही मनुष्य अच्छा है; जो दूसरों के प्रति वैसा व्यवहार नहीं करता, जो अपने प्रति किया जाना उचित नहीं समझता।
You have exhausted your 5 free content pages. Register and enjoy UNLIMITED access to the whole universe of Urdu Poetry, Rare Books, Language Learning, Sufi Mysticism, and more.