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शाह अब्दुल लतीफ़ भिटाई

1689 - 1752

सिंधी भाषा के महान सूफ़ी कवि, संत और दार्शनिक। 'शाह जो रिसालो' उल्लेखनीय कृति।

सिंधी भाषा के महान सूफ़ी कवि, संत और दार्शनिक। 'शाह जो रिसालो' उल्लेखनीय कृति।

शाह अब्दुल लतीफ़ भिटाई के उद्धरण

जो सागर में जाते हैं, उन्होंने मोती जमा किए हैं। जो छिछले पानी वाले किनारे अपनाते हैं, उनके भाग्य में शंख और सीप होते हैं।

प्रतिभा जाति पर निर्भर नहीं है। जो परिश्रमी है, वही प्राप्त करता है।

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