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राज़िक़ अंसारी

1960 | इंदौर, मध्य प्रदेश

उर्दू के सुपरिचित कवि-लेखक।

उर्दू के सुपरिचित कवि-लेखक।

राज़िक़ अंसारी के बेला

12 अक्तूबर 2026

बहुत नाइंसाफ़ी है गदहों के साथ

बहुत नाइंसाफ़ी है गदहों के साथ

गदहे को इंसानी समाज ने हमेशा से ही तुच्छ प्राणी समझा है। इसीलिए प्राणी संग्रहालय में गदहे को छोड़कर सब प्राणियों को रखा गया। क्या गदहों को इंसानों की इस हरकत का बुरा नहीं लगता होगा? गदहा हमेशा से

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