चित्रा पंवार के बेला
विकुशु के नाम एक पत्र
प्रिय विनोद कुमार शुक्ल जी, आपको मेरा सादर प्रणाम! मैंने जब ‘हिंद युग्म’ महोत्सव (रायपुर) में आपको पहली बार देखा और आपसे मिली तो मेरे मन में पहले जो भी भ्रांतियों के बादल घिरे थे, सब छँट गए। सो
1992 | मेरठ, उत्तर प्रदेश
नई पीढ़ी की कवि। एक कविता-संग्रह प्रकाशित।
नई पीढ़ी की कवि। एक कविता-संग्रह प्रकाशित।